काला सागर में ब्रिटिश डेस्ट्रॉयर ने रूसी समुद्री सीमा का अतिक्रमण और रूस की कठोर कार्रवाई से यूरोप में बवाल मच गया।
रूस और ब्रिटेन के बीच काला सागर में पानी गर्म होने के साथ साथ रूस और ब्रिटेन के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है और अब रूस ने दो टूक शब्द में कहा है कि अगर काला सागर में ब्रिटेन ने दोबारा अपना नौसैनिक पोत भेजने की जुर्रत की तो इस बार रूस चेतावनी नहीं बल्कि ब्रिटिश जहाज को डूबो देगा।
रूस ने मास्को में ब्रिटिश राजदूत को औपचारिक तौर पर
तलब किया और कहा कि ब्लैक सागर पर रूस का अधिकार है, जबकि यूरोपीय देशों का कहना है कि काला सागर पर यूक्रेन का अधिकार है और काला सागर को लेकर रूस के साथ ब्रिटेन और अमेरिका के बीच भारी तनाव है।
बहरहाल, शीत युद्ध के बाद यह पहली दफा है जब रूस ने ब्रिटिश युद्धपोत को रोकने के लिए बमबारी की है।यह घटना रूस और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है।
पृष्ठभूमि: रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि काला सागर में ब्रिटिश विध्वंसक पोत बीते बुधवार तमाम रूसी चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए रूसी जल सीमा में करीब तीन नॉटिकल मील तक अंदर घुस आया था। इस नाटकीय घटनाक्रम के बाद इस क्षेत्र में पहले से सजग और गश्त लगा रहे
रूसी एफसबी कोस्ट गार्ड(FSB Coast Guard)के गश्ती जहाजों और रूसी लड़ाकू बमबर्षक Su-24M और Su-30SM ने ब्रिटिश विध्वंसक पोत (डेस्ट्रॉयर) एचएमएस डिफ़ेंडर को चेतावनी देते हुए और उसके मार्ग में बम बरसाए जिससे ब्रिटिश पोत एचएमएस डिफेंडर को रूसी जल सीमा से बाहर जाने पर विवश कर दिया।
रूस ने कहा कि यह ब्रिटिश विध्वंसक केप फियोलेंट के नजदीक लगभग तीन किलोमीटर तक उसकी सीमा में आ गया था।
केप फियोलेंट क्रीमिया के दक्षिणी तट पर एक अहम सामरिक महत्व का स्थान है।यह सेवास्तोपोल के नजदीक है, जहां रूसी नौसेना के काला सागर बेड़े (ब्लैक सी फ्लीट )का मुख्यालय है।
पुरातन ग्रीक मिथकों के अनुसार केप फियोलेंट वह स्थान है जहां समुद्र का शुद्धतम नभोनील जलराशि चट्टान से टकराकर बेहद खूबसूरत दृश्य का निर्माण करते हैं,जिसे अंतरिक्ष से मल्टी स्पेक्ट्रल सुदूर संवेदन उपग्रहों के माध्यम से स्पष्ट देखा जा सकता है।
वहीं ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने रूसी दावों का खंडन करते हुए कहा कि ब्रिटिश जहाज एचएमएस डिफ़ेंडर पर रूसी नौसेना की तरफ से कोई हमला नहीं किया गया है।
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट करते हुए कहा है कि एचएमएस डिफेंडर पर कोई चेतावनी शॉट नहीं दागा गया है। रॉयल नेवी जहाज अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार यूक्रेन की जल सीमा के अंदर से अपना संचालन कर रहा है।
https://twitter.com/DefenceHQ/status/1408044685034205185?s=19
रूस ने दावा किया है कि अपनी जल-सीमा से ब्रिटेन के एक युद्धक पोत को भगाने के लिए उसके रास्ते में बम गिराये गए और गोलियां दागी गईं वहीं ब्रिटेन ने इन दावों को गलत बताया है।
रूस ने दावा किया है कि ब्रिटिश जहाज क्रीमिया प्रायद्वीप के इलाके में उसकी जल-सीमा के भीतर था। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में ब्रिटेन की इस मासूमियत भरे समझ को भी दाद देनी पड़ेगी जिसमे ब्रिटिश नौसेना का कहना है कि उसने दागी गई गोलियों को रूस का अभ्यास माना था, जिसकी पहले से जानकारी दी गई थी,ब्रिटिश अधिकारियों ने किसी तरह के बम गिराए जाने के दावे को भी गलत बताया है, हालांकि ब्रिटेन ने इस बात की पुष्टि की है कि उसका युद्धक पोत एचएमएस डिफेंडर यूक्रेन की जल सीमा से गुजरा था.
दोनों देेशों के दावे अलग अलग
ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कहा कि
"अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत यह पोत बहुत ही अहानिकर तरीके से यूक्रेन के क्षेत्रीय समुद्री सीमा से गुजर रहा था.”
https://twitter.com/DefenceHQ/status/1408044685034205185?s=19
विवाद बढ़ने का संकेत
सैन्य मामलों के विशेषज्ञों ने कहा है कि दोनों पक्षों में से जिसकी बात भी सही हो, यह घटना पश्चिमी देशों और रूस के बीच समुद्री सीमा को लेकर विवाद बढ़ने का संकेत है.
रूस के विदेश मंत्रालय ने ब्रिटिश युद्धक पोत के उस इलाके से गुजरने को खुल्लम-खुल्ला उकसाने की कार्रवाई बताया। रुस ने कहा कि इस मामले के लिए आधिकारिक राजनयिक प्रतिरोध के लिए मास्को में ब्रिटिश राजदूत और रक्षा अताशे को औपचारिक 'कूटनीतिक डांट' के लिए तलब किया।
रूसी संप्रभुता उल्लंघन न करे कोई।
रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने बीते गुरुवार को कहा कि कोई रूस की सीमा का उल्लंघन न करे। उन्होंने कहा कि रूसी सम्प्रभुता की रक्षा हर तरीके से की जाएगी, चाहे वह राजनयिक राजनीतिक हो या जरूरत पड़ने पर सैन्य तरीके ही क्यों न अपनाना पड़े। इस घटनाक्रम के बाद रयाबकोव चेतावनी दी कि ''जो लोग हमारी ताकत की परीक्षा लेना चाहते हैं वे खतरा मोल लेंगे।
केंद्र में यूक्रेन:दक्षिणी चीन सागर बनाम काला सागर।
काले सागर पर रूस के दावों की तुलना दक्षिणी चीन सागर पर चीन के दावों से करते हुए पश्चिमी विशेषज्ञों का मानना है कि :
"रूस अपनी सच्चाइयों को जमीन पर उतार रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन सच्चाईओं की स्वीकार्यता की कोशिश कर रहा है ताकि उसके कब्जे पर दुनिया की मुहर लग जाए फिर भी, रूस की प्रतिक्रिया बहुत तीखी थी, कूटनीति के एकदम उलट और जरूरत से कहीं ज्यादा.”।
यूरोपीय देशों को समझना पड़ेगा कि इस तरह के बचकानी हरकत से मास्को को कोई फर्क़ नहीं पड़ने वाला है और क्रीमिया मुद्दे को रूस के द्वारा "कब्जाने" जैसी शब्दावली के प्रयोग से मामला सुलझने के बजाय बिगड़ता चला जायेगा।
क्रीमिया: क्रीमिया प्रायद्वीप के इलाके को रूस ने 2014 में यूक्रेन से सीमित संघर्ष के बाद रूसी संघ में विलय कर लिया और कहा था कि उसने 1816 की ऐतिहासिक भूल को दुरुस्त कर लिया है। इससे रूस के क्षेत्रीय समुद्री सीमा का विस्तार काला सागर के तटीय इलाकों तक हो गया है। लेकिन रूसी दावों के विपरीत पश्चिमी देश क्रीमिया को यूक्रेन का हिस्सा मानते हैं और रूस के समुद्री सीमा के दावे को गलत बताते हैं।
क्रीमिया अपने अप्रितम प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी जाना जाता है यहाँ के बालाक्लावा में दिल के आकार का ब्लू क्वैरी झील बेहद खूबसूरत नजारा पेश करता है। यह सेवस्तोपोल के निकट समुद्र तल से महज 14 मीटर नीचे है।
यूक्रेन नाटो जुगलबंदी से रूस ख़फ़ा।
सामरिक पृष्ठभूमि में देखा जाय तो रूस इस क्षेत्र में नाटो की बढ़ती भूमिका को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। जबकि अमेरिका सहित अन्य यूरोपीय देश यूक्रेन को फ़्लैश पॉइंट बनाने पर तुले हुए हैं जो सीधा रूसी सम्प्रभुता का उल्लंघनकारी रवैया है।
अमेरिका,ब्रिटेन सहित अन्य नाटो समूह के देश रूस पर जासूसी, हैकिंग, चुनावी दखल, ब्रेग्जिट, यूक्रेन, बेलारूस और अलेक्सी नावेलिनी और मानवाधिकारों पर विवादों के मुद्दे पर गाहे बगाहे घेरते रहते हैं।
यूक्रेन के मुताबिक रूस की काला सागर और उसके नजदीक अजोव सागर के इलाके में रूस की ‘आक्रामक और उत्तेजक' सामरिक गतिविधियां यूक्रेन और उसके सहयोगी देशों के लिए हमेशा खतरा बनी रहती हैं।
सामरिक पृष्ठभूमि में देखा जाय तो रूस इस क्षेत्र में नाटो की बढ़ती भूमिका को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। जबकि अमेरिका सहित अन्य यूरोपीय देश यूक्रेन को फ़्लैश पॉइंट बनाने पर तुले हुए हैं जो सीधा रूसी सम्प्रभुता का उल्लंघनकारी रवैया है।
अमेरिका,ब्रिटेन सहित अन्य नाटो समूह के देश रूस पर जासूसी, हैकिंग, चुनावी दखल, ब्रेग्जिट, यूक्रेन, बेलारूस और अलेक्सी नावेलिनी और मानवाधिकारों पर विवादों के मुद्दे पर गाहे बगाहे घेरते रहते हैं।
यूक्रेन के मुताबिक रूस की काला सागर और उसके नजदीक अजोव सागर के इलाके में रूस की ‘आक्रामक और उत्तेजक' सामरिक गतिविधियां यूक्रेन और उसके सहयोगी देशों के लिए हमेशा खतरा बनी रहती हैं।
रूसी आक्रमकता से निजात पाने के लिए यूक्रेन ने इस इलाके में मदद के लिए नाटो से अपील भी की,इसीब कड़ी में सम्भवतः ब्रिटिश युद्धक जहाज इसी हफ्ते ओडेसा बंदरगाह गया था, जहां ब्रिटेन और यूक्रेन के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए जिसके तहत ब्रिटेन ने यूक्रेनी नौसेना की मदद का भी वादा किया था ।
पश्चिमी देश इस हफ्ते काला सागर में एक सैन्य अभ्यास कर रहे हैं जिसे सी ब्रीज नाम दिया गया है. बुधवार की घटना से कुछ घंटे पहले ही वॉशिंगटन स्थित रूसी दूतावास ने अमेरिका और उसके सहयोगियों से यह सैन्य अभ्यास रद्द करने का आग्रह किया था.
फ़्लैश पॉइंट : काला सागर, जिसका उपयोग रूस भूमध्य सागर में अपनी शक्ति को प्रदर्शित करने के लिए करता है, सदियों से रूस और उसके पारंपरिक प्रतिस्पर्धियों जैसे तुर्की, फ्रांस, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच एक फ्लैश पॉइंट रहा है।
डबल एजेंट सर्गेई स्क्रिपल को नर्व एजेंट नोविचोक दिए जाने के बाद 2018 से ही लंदन और मॉस्को के बीच संबंध बर्फ पिघली नहीं थी कि यह डेस्ट्रॉयर वाली घटना सामने आ गयी।
फ़्लैश पॉइंट : काला सागर, जिसका उपयोग रूस भूमध्य सागर में अपनी शक्ति को प्रदर्शित करने के लिए करता है, सदियों से रूस और उसके पारंपरिक प्रतिस्पर्धियों जैसे तुर्की, फ्रांस, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच एक फ्लैश पॉइंट रहा है।
डबल एजेंट सर्गेई स्क्रिपल को नर्व एजेंट नोविचोक दिए जाने के बाद 2018 से ही लंदन और मॉस्को के बीच संबंध बर्फ पिघली नहीं थी कि यह डेस्ट्रॉयर वाली घटना सामने आ गयी।
रूस-ब्रिटेन में बढ़ते राजनयिक तकरार की पृष्ठभूमि
मार्च 2018 में ब्रिटेन ने रूस पर आरोप लगाए हैं कि रूसी एजेंटों ने सेल्सबरी में एक पूर्व रूसी जासूस और डबल एजेंट सर्गेई स्क्रिरपाल और उसकी बेटी को ब्रिटेन में नर्व एजेंट निविचोक के ज़रिए मारने की कोशिश की थी।
इस मसले पर तिलमिलाए हुए ब्रिटेन ने पहले 23 रूसी राजनयिकों को निष्कासित किया था,जवाब में मॉस्को ने भी फौरन जवाबी कार्रवाई करते हुए 23 ब्रितानी राजनयिक को स्वदेश वापस जाने फरमान सुना दिया था।
इसके बाद सेंट पीटर्सबर्ग में ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास काम करना बंद कर दिया था।
ब्रिटेन की तत्कालीन प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने संसद को बताया कि निष्कासित रूसी राजनयिक दरअसल में अघोषित रूसी जासूस थे.
दोनो देशों में इस मुद्दे पर तल्खी इस कदर बढ़ी की प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने रूसी विदेश मंत्री के फ़ीफ़ा विश्व कप के लिए भेजे निमंत्रण को भी ख़ारिज कर दिया।उन्होंने कहा था कि 2018 में रूस में होने वाले फुटबॉल विश्वकप में शाही परिवार हिस्सा नहीं लेगा।
रूस का पक्ष
रूस लगातार अपने ऊपर लग रहे आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहताहै कि ब्रिटेन तमाम आरोपों के संबंध में पुख़्ता सबूत पेश करे।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने उस समय कहा था कि "मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि रूस पर लगाए जा रहे तमाम आरोप निराधार हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है."
रूसोफ़ोबिया से ग्रस्त ब्रिटेन
ब्रिटेन में रूसी हस्तक्षेप की जाँच के लिए गठित इंटेलिजेंस एवं सिक्योरिटी कमेटी (आईएससी) ने अपनी बहु प्रतिक्षित रिपोर्ट,जिसे जुलाई 2020 में जारी किया गया था ।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटिश सरकार ने ब्रेग्ज़िट जनमत संग्रह के दौरान रूसी हस्तक्षेप की जाँच को “सक्रिय रूप से नज़रअंदाज़” किया और ब्रेग्ज़िट जनमतसंग्रह में रूसी हस्तक्षेप की जाँच करने की भी सरकार ने कोई कोशिश नहीं की.
रिपोर्ट के मुताबिक़, ब्रिटेन,रूस के लिए अमरीका और नाटो के बाद सबसे बड़ा टारगेट है और इसका मुख्य कारण ब्रिटेन की अमरीका से नज़दीकी है।
वर्तमान विश्व मे रूस: बराबरी की हैसियत वाले प्रतिस्पर्धी'।
शीत युद्ध एक दो ध्रुवीय दुनिया की देन थी जिसमें दो महाशक्तियां अपने आर्थिक और सैन्य दमख़म के साथ वैश्विक राजनीति को शक्ल देने के लिए एक दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर रही थीं."
वर्तमान में रूस किस तरह की शक्ति है ?
पश्चिमी देशों का मानना है कि अब भी रूस " एक कमजोर महान शक्ति है जिसे लगातार कम आंका जा रहा है क्योंकि ये ऐतिहासिक रूप से पश्चिम की तुलना में तकनीक, राजनीति और आर्थिक विशेषज्ञता में पिछड़ती रही है,लेकिन अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में मॉस्को लगातार अपने आर्थिक प्रभाव से ज़्यादा असरदार रहा है
लेकिन कई थिंक टैंक इसके ठीक उलट रूस एक कमजोर क्षेत्रीय शक्ति नहीं है बल्कि इसकी स्थिति इसके ठीक विपरीत मानते है।"दरअसल, आतंरिक संतुलन, तीव्र सैन्य सुधार और आधुनिकीकरण के एक दौर के बाद रूस अपने ऐतिहासिक रूप में ज़्यादा सुदृढ़ है।
रूस ने बीते 15 सालों में बेहद बुद्धिमानी से इस क्षेत्र में निवेश किया है।ऐसे में ये इसके पास कुछ खास क्षमताएं विकसित की हैं जो इसे एक बढ़त देती है।
चंद उदाहरण के लिए,नाटो देशों के पास रूस के इस्कंदर टैक्टिकल आण्विक मिसाइल और एस 400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम का असली तोड़ नहीं है ऐसे में नाटो कमांडरों के सामने एक नई उलझन पैदा करती है कि रूस के साथ संधि की जाए या संघर्ष को आगे बढ़ाया जाए जैसे रूस के पास आर्टिलरी और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में भी जबर्दस्त क्षमता और दक्षता हासिल है।
पूरे यूरोप में रूस ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने वाला एकमात्र भरोसेमंद देश के रूप में भी उभर चुका है,जिसके आयातक अधिकतर नाटो समूह के देश हैं।
पश्चिमी देशों और अमेरिका को रूस की साईबर और सूचना युद्ध में जबर्दस्त क्षमता से परिचय हो चुका है जो इन देशों के लिए अहम चुनौतियां पैदा करती है।बीते वर्षों में मीडिया और सामरिक थिंक टैंक नए चलन हाईब्रिड वॉरफेयर पर चर्चा कर रहे हैं, जो शांति और युद्ध के बीच एक धुंधली स्थिति होती है और विशेषज्ञ इस क्षेत्र में रूस को जाना माना और प्रतिष्ठित खिलाड़ी मानते है।
काला सागर: अत्यधिक सामरिक महत्व का क्षेत्र
काला सागर,अटलांटिक महासागर का सीमांत सागर है,यह पूर्वी यूरोप और पश्चिम एशिया के बीच विस्तृत है।
यह एजियन सागर और कई खाड़ियों के माध्यम से होते हुए भूमध्य सागर में जा मिलती है।
जहां बॉस्फोरस की खाड़ी इसे मरमरा सागर से , तो डर्डेनल्स की खाड़ी, एजियन सागर से, और कर्च कि खाड़ी के माध्यम से आज़ोव सागर से जोड़ती है।
इसके किनारे छः देश अवस्थित हैं जिसमे पश्चिम में रोमानिया और बुल्गारिया, उत्तर और पूर्व में यूक्रेन,रूस और जॉर्जिया और दक्षिण में तुर्की शामिल है।
इसमें पांच यूरोपीय नदियां अपना जल विसर्जित करती है जिसमे सबसे प्रसिद्ध नदी डेन्यूब भी शामिल है।अन्य नदियों में नीपर,और डॉन है।
काला सागर 436,400 वर्ग किमी (आज़ोव के सागर को छोड़कर)का क्षेत्र है,जिससे यह दुनिया का सबसे बड़ा अंतर्देशीय जलराशि है।
यह थ्री सीज़ इनिशिएटिव (3SI), जिसे बाल्टिक, एड्रियाटिक, ब्लैक सी (BABS) इनिशिएटिव के रूप में भी जाना जाता है, 3SI यूरोपीय संघ में बारह राज्यों का एक मंच है, जो उत्तर- बाल्टिक सागर से एड्रियाटिक सागर और मध्य और पूर्वी यूरोप में काला सागर तक विस्तृत है।
(साभार :incyclopedia britannica)
cdn.britannica.com






