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Wednesday, August 29, 2012

अब और करीब हुआ मंगल

मंगल  ग्रह पर   मानव  जीवन  की सम्भावना  की तलाश  में  नासा  का  रोवर क्यूरियोसि़टी  आखिर  लाल ग्रह पर  पहुँच ही गया 
 अपने नाम क अनुरूप  क्यूरियोसि़टी  इस अबूझ  बने ग्रह  पर  उन तमाम   भौतिक   भू  भौतिक  रासायनिक  एवं  जैविक कारको  की पहचान  करने में  अन्तरिक्ष  शास्त्री  को काफी मदद करेगा रोवर एक अति महत्वपूर्ण  वैज्ञानिक  उपकरण  है  जिसकी मदद से ही  वैज्ञानिक  तमाम तरह की  जानकारियां  एवं  आंकड़े   मंगल  गृह से हासिल करेंगे।, 
 इस वैज्ञानिक अनुसन्धान  का सबसे  दिलचस्प  पहलु यह है की  इस रोवर  को मंगल गृह के  गेल क्रेटर  पर उतरा  जाना  है ज यह जगह इस लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि  यह पृथ्वी से  करीब  २४७८३८९७७ किलोमीटर  दूर है , यह स्थान  और भी खास हो जाता है क्यूंकि कक्षा   से देखने पर यहाँ चिकनी  मिटटी (क्ले)  एवं  विभिन्न  प्रकार के  सल्फेट  खनिजो के प्रचुर  संकेत मिले थे।   
उल्लेखनीय  है की  चिकनी  मिटटी (क्ले)की उत्पत्ति  जल सम्बंधित  अवसादी  चट्टानों  पर ही होता है।अगर क्यूरियोसि़टी ने मंगल गृह पर  क्ले की उपस्थिति की पुष्टि  कर दी तो  संभवतःजीवन की संभावना की खोज में  जुटे वैज्ञानिकओ  कलिए बहुत  बड़ी  उपलब्धि सिद्ध  होगी।

रोवर क्यूरियोसि़टी से पूर्व  नासा   मंगल अभियान क लिए  स्प्रिट ,ओप्पोर्तुनितिएस  फिनिक्स   अभियान  को अंजाम दिया था , इन अभियानों में नासा ने जीवन की संभावना  में अत्यावश्यक  जैविक सूक्ष्मजीवो की  उपस्थिति की संभावना  जताई थी । इसी कड़ी में  क्यूरियोसि़टी लाल ग्रह क चट्टानों  का विस्तृत  एवं सारगर्भित अध्यन और विश्लेषण  करेगा  और  आगे के  अनुसंधानों क लिए  वापस धरती पर लेन की कोशिश  करेगा , नासा  के अन्तरिक्ष विज्ञानी इस बात की भरसक  कोशिश कर रहे है की  इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम तक पहुंचाए, प्लुटोनियम की परमाण्विक  उर्जा से गतिशील रोवर क्यूरियोसि़टी क पास इंधन की कोई कमी नहीं होगी  जिससे वह अनवरत  अपन कार्य  मंगल के शुष्क एवं न्यूनतम  तापमान वाले ग्रह पर  अपना विभिन्न  अनुसन्धान को  पूरा करेगा । इस रोवर का मुख्य  कार्य  जीवनोपयोगी  भौतिक रासायनिक  तत्व यथा  कार्बन hydrogen  सुलफुर  nitrogen  phosphorous  और oxygen  की खोज करेगा।
अगर  मंगल पर इन  रासायनिक तत्व कोई अतिश्योक्ति  नहीं होगी की मंगल  पर जीवन के आधार नहीं  है, क्यूंकि  पृथ्वी पर  इन पांच तत्वों से  ही जीवन की शुरुआत  हुई है और अमीनो एसिड  का  निर्माण , डीएनए एवं आरएनए  की  उत्पत्ति हुई  जिसमे सम्पूर्ण  जीवन  एवं जैवविविधता की सृष्टि  भी, रोवर क्यूरियोसि़टी   की  यह खोज अन्तरिक्ष विज्ञान  एवं सम्पूर्ण  मानवता क लिए  अत्यधिक लाभप्रद सिद्ध  होगी , उम्मीद की जा सकती है की  नासा के  इस  मिशन हमारी  हार्दिक  बधाई